The real success of life in Hindi

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The real success of life in Hindi

जीवन की वास्तविक सफलता हिंदी में

  दोस्तों रात का समय था, एक जोगी कलस्टर था, और बहुत सारे छोटे छोटे घर थे। कच्चे पक्के घर बने हुए थे। उनके बीच में एक छोटा सा घर था। टूटी फूटी दो से दीवारें बनाए गए थे, छत के टिन टूटे हुए थे। एक  की चादर बिछी हुई थी जिस पर पूरा परिवार सोया हुआ था।     

 बच्चे और उनके मां-बाप रजाई ओढ़ के सो रहे थे। घर में अंदर भी ज्यादा कुछ नहीं था। एक छोटी सी टूटी हुई अलमारी। एक छोटा सा टीवी था। किचन  के नाम पर कुछ एक बर्तन पड़े हुए तो और ज्यादा कुछ भी नहीं था। सर्दी की रात थी। ठंड बढ़ रही थी।

एक रजाई शायद पूरे परिवार के लिए काफी नहीं था। फिर भी वह लोग आराम से सो रहे थे।  तभी अचानक से एक तूफान आने  लगा। तेज हवाएं चलने लगी। मौसम पलट गया। हल्की हल्की बारिश होने लगी। कुछ ही समय में बारिश जोड़-तोड़ से होने लगी। और तेज पानी बारिश होने  लगा।

टूटी हुई टीन की छत थी. जगह जगह से पानी टपकने लगा  रजाई भीगने लगी, चद्दर भी भीगने  लगी, उन लोगों पर भी पानी पड़ने लगा। सर्दी बढ़ रही थी। असहनीय ठंड लग रही थी। और बर्दाश्त नहीं हो पा रही थी सब लोग उठ कर बैठ गए।       

बीच रात में उठ कर बैठना पड़ा और सब लोग परेशान हो गए कि अब क्या करें। कुछ ही मिनटों में वह रुई  की रजाई कुछ काम की नहीं होती। मुसीबतों का कोई हल नजर नहीं आ रहा था।       तभी उन बच्चों के पिता उठे। घर के बाहर निकले । भारी  बरसात में भीगते हुए।

एक सीमेंट की चद्दर पड़ी हुई थी। उसको लेकर और कुछ इटो लेकर छत के ऊपर चढ़े। बारिश पड़ रही थी लगातार, कुछ समय छत पर बिताया कुछ जुगाड़ किए सीट को एडजस्ट करा, ईटो से सेट करा, प्लास्टिक लगाइए,।        

फिर जाकर छत टपकने बंद हो गए। बच्चों के पिता भीगे हुए नीचे आए। घर के अंदर शांति थी। पानी नहीं टपक रहा था। रात भर चैन से सोने का उम्मीद दोबारा जाग  गया था। घर वाले बहुत खुश थे, सबके चेहरों में खुशी दिख  रही थी और मुस्कुराहट थी।     

 पिता भीगे हुए थे, ठंड से कराह रहे थे। तों भी उनके चेहरे पे एक मुस्कान थी एक खुशी थी। और फिर पूरा परिवार चैन से शांति से सुकून से सो गया।  दोस्तों,  मैंने आपको यह कहानी क्योंकि बताई? ये समझाने के लिए, की सौ करोड़, दो सौ करोड़ या पांच सौ करोड़  का दौलत होना ही सफलता नहीं होती।

पूरा दुनियां पूरा भारत  आपको जाने वही  सफलता नहीं होती। जिंदगी की हर मोड़ में आने वाली परेशानियों से कठिनाईओ से लड़ना उनका सामना करना हल निकालना। मुश्किलों को पार  करना, समझदारी दिखाना और जिंदगी के उलझनों को सुलझाना। ये सफलता हो ती हैं।      

 हर इंसान एक अलग जीवन जीता हैं। उसके जीवन में कुछ अच्छे चीजे भी होती हैं, कुछ बुरे भी होते हैं, कुछ परेशानिया भी होती हैं। हर इंसान को ताज़ नहीं मिलता, हर इंसान इस देश पे इस दुनियां पे राज नहीं करता। सब की अपनी जीवन हैं और जीवन में परेशानी भी, मुस्किले हैं कठिनाईया हैं।      

 जो लोग कठिनाइयो का डट के सामना करते हैं, हल निकलता हैं, आगे बढ़ते हैं। वहीं सफलता हासिल करते हैं। और वहीं असली सफलता हैं। सफलता के  कोई फिगर नहीं हैं। सौ करोड़, पांच सौ करोड़, हजार करोड़। सफलता कोई फिगर नहीं हैं। सफलता सक्षमता होती हैं। छोटी से छोटी समस्याओं से छुटकारा पाना, जीवन में आगे बढ़ना।      

 खुद को, अपने परिवार वालो को दुनियां में सुख बाटना, ख़ुशी बाटना यही सफलता हैं दोस्तों।   मै ये नहीं कहता की अपनी लक्ष्य छोटे बनालो, आपको जो लक्ष्य सही लग रहा हैं, उसमे निशाना साधो। बड़ा आदमी बना हैं। 

कोई समस्या नहीं हैं। लेकिन सफलता को सही से समझो। अपने जो लक्ष्य साधा हैं उसमे काम करो। दिन रात एक करदो। अपने limit को push करो। लेकिन, जो हमारा routing life मे समस्या आ  रही हैं, चाहे वो आपका लक्ष्य से सम्बन्धित हो या साधारण जीवन से सम्बन्धित हो। उनसे लड़ना, उनका सामना करना, हर ना मानना, उनका समाधान निकालना, ये असली सफलता हैं।      

ऐसे ही आगे जाके आप जीवन मे सफल हो जाओगे। बड़ा आदमी बन जाओगे। अपना लक्ष्य भी हासिल कर लोगे, जीवन मे ख़ुशी भी रहोगे। hope less नहीं बनोगे, और जीवन अच्छी बीतेगी।           

 दोस्तों, अगर आपको ये पोस्ट पसंद हो तों कृपया अपने दोस्तों के साथ सेयर करना ना भूले। क्या पाता कोई दोस्तों ख़राब मानसिक हालात से गुजर रहे हो। अगर उसको ये पढ़के, उसके जीवन सकारात्मक परिवर्तन आए, उसको मोटिवेशन मिलजाए तों मै समझूंगा की मेरे उदेश्य पूरा हो रहा हैं।  All the best.        

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