भारतीय प्रधानमंत्री की सूची एवं सभी प्रधानमंत्रियों का संक्षिप्त विवरण | List of Indian Prime Minister in Hindi

भारतीय प्रधानमंत्री की सूची एवं सभी प्रधानमंत्रियों का संक्षिप्त विवरण List of all Indian Prime Minister in Hindi

भारत में राज्य का प्रमुख राष्ट्रपति होता है। जिसकी शक्तियां काफी हद तक नाम मात्र और औपचारिक होती है। भारत के प्रधानमंत्री सरकार के प्रमुख होते हैं। उन्हें एक राजनीतिक दल द्वारा आम चुनाव जीतने के बाद और प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार नामित करने के बाद राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है। उसके बाद उस राजनीतिक दल के नेता को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया जाता है।    प्रभावी कार्यकारी शक्ति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद के पास रहती है, जिसे बहुमत बलिया लोकसभा ( संसद के निचले सदन) में गठबंधन द्वारा चुना जाता है और राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है।

 भारतीय प्रधानमंत्री की सूची अवलोकन-List of Indian Prime Minister in Hindi

यह पोस्ट निम्नलिखित विषयों को कवर करेगी :

 भारतीय प्रधानमंत्री भारत सरकार का मुख्य कार्यकारी होता है। विभिन्न परीक्षाओं में पूछे गए कुछ महत्वपूर्ण सवालों का जवाब नीचे दिए गए हैं।

  1.  पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे. वह भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे थे।
  2.  इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थी।
  3.  राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री हैं ।
  4.  मनमोहन सिंह भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री हैं।
  5.  नरेंद्र दामोदरदास मोदी भारत के वर्तमान ( 14 वें ) प्रधानमंत्री हैं।

भारतीय प्रधानमंत्री की सूची

 पंडित जवाहरलाल नेहरू, भारत के पहले प्रधानमंत्री को 15 अगस्त 1947 को नियुक्त किया गया था और नरेंद्र दामोदरदास मोदी भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री हैं। नीचे दी गई तालिका में 1947 से लेकर 2020 तक भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची  देखें।

भारतीय प्रधानमंत्री की सूची: सभी प्रधानमंत्रियों का संक्षिप्त विवरण

 नरेंद्र दामोदरदास मोदी :  ( 2014 से – वर्तमान सरकार )

 भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी सरकार के प्रमुख के रूप में चुने गए हैं। निचले सदन  ( लोकसभा ) के नेता है और मंत्रिपरिषद के प्रमुख भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के 14वें प्रधानमंत्री है। अपने दूसरे कार्यकाल की सेवा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पहली बार 2014 में 16वीं लोकसभा के लिए चुने गए।

 डॉक्टर मनमोहन सिंह  (2004- 2014 )

 डॉ मनमोहन सिंह भारत के 13वें प्रधानमंत्री थे। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में दो पूर्ण पद पर कार्य किया है और दो बार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यूपीए सरकारों का नेतृत्व किया है। राज्यसभा के सदस्य डॉ मनमोहन सिंह 1998 से लेकर 2004 तक उच्च सदन के नेता थे। वें वर्तमान में अपने छठे राज्यसभा कार्यकाल की सेवा कर रहे हैं। उन्हें 1991 में एलपीजी के लिए भारत में पीवी नरसिम्हा राव का सरकार में वित्त मंत्री के रूप में सुधारों के लिए मान्यता प्राप्त है। डॉक्टर  मनमोहन सिंह भारतीय रिजर्व बैंक के 15वें गवर्नर भी थे। डॉ मनमोहन सिंह को पद्म विभूषण 1987  से सम्मानित भी किया गया है।

 अटल बिहारी बाजपेई ( 1996-1998-1999 ) ( 1999- 2004 )

 अटल बिहारी बाजपेई ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में तीन कार्यकाल दिए हैं। वह पहली बार भारत के दसवें प्रधानमंत्री के रूप में चुने गए और केवल 13 दिनों की अवधि के लिए सेवा की। वें एक लोकप्रिय प्रधानमंत्री थे।    अटल बिहारी वाजपेई को 2014 में सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। बाजपेई मोरारजी देसाई सरकार में विदेश मंत्री थे और उन्हें भारत-पाकिस्तान संबंधों को बेहतर बनाने में उनकी योगदान के लिए याद किया जाता है।    बाजपेई 10 बार लोकसभा के लिए चुने गए, वें 1962 से लेकर 1967 तक और 1986 से लेकर 1991 तक राज्यसभा की दो बार सदस्य भी रहे थे। अटल बिहारी वाजपेई भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य में से एक थे, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी बने जिसमें बाजपेई पहले राष्ट्रपति थे।    1988 में पोखरण 2 परमाणु परीक्षण उनके कार्यकाल में हुए थे। उनका जन्म 25 दिसंबर को क्रिसमस के दिन हुआ था। उनके जन्मदिन को भारत में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 इंदर कुमार गुजराल ( 1997-1998 )

 इंद्र कुमार गुजराल भारत के 12वें प्रधानमंत्री थे। इंदर कुमार गुजराल महात्मा गांधी  जी के भारत छोड़ो आंदोलन के भागीदार भी थे। विदेश मामलों के मंत्री के रूप में उन्हें गुजराल सिद्धांत के लिए याद किया जाता है। उन्होंने भारत की विदेश नीति को अपने निकटतम पड़ोसियों विशेष रूप से पाकिस्तान के साथ मार्गदर्शन करने के लिए सिद्धांतों का एक सेट तैयार किया। वें राज्यसभा सदस्य और लोकसभा सदस्य दोनों थे।

 हरदानाहली देवगौड़ा ( 1996-1997 )

 हरदानाहली देवगौड़ा भारत के 11 प्रधानमंत्री थे। H.D. गौड़ा 1994 से लेकर 1996 तक कर्नाटक राज्य के मुख्यमंत्री का पद भी संभाला था। देवेगौड़ा को प्रधानमंत्री के लिए उस समय चुना गया था जिस समय किसी भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए बहुमत हासिल नहीं था और संयुक्त मोर्चा ने सरकार बनाई थी जिस को कांग्रेस की समर्थन भी थे। जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेगौड़ा प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के बाद 14वें,15वें और 16वें लोकसभा के सदस्य भी थे।

 पामुलापार्थी वेंकट नरसिम्हा राव ( 1991-1996 )

 पीवी नरसिम्हा राव भारत के दसवें प्रधानमंत्री थे। पीवी नरसिम्हा राव दक्षिण भारत से आने वाले पहले प्रधानमंत्री थे। नरसिम्हा राव ने 1993 से लेकर 1996 तक रक्षा मंत्री और 1992 से लेकर 1994 तक विदेश मंत्री के रूप में भी कम किया। वें 1986 में राजीव गांधी के अधीन गृह मंत्री भी रहे। नरसिम्हा राव आंध्र प्रदेश के 4वें मुख्यमंत्री थे। 1991 के आर्थिक सुधारों को उनके कार्यकाल में पीएम के रूप में लाया गया

 चंद्रशेखर ( 1990-1991 )

 चंद्रशेखर भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। चंद्रशेखर ने चुनाव प्रक्रिया में देरी करने के लिए कांग्रेस के समर्थन से जनता दल के एक अल्पमत सरकार का नेतृत्व किया। पार्टी में बहुत कम सांसद के साथ उनकी सरकार को लंगड़ा बतख माना जाता था। 1991 में आर्थिक संकट और राजीव गांधी की हत्या उनके कार्यकाल के दौरान दो प्रमुख घटनाएं घटी थी।

 विश्वनाथ प्रताप सिंह ( 1989-1990 )

 विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत के सातवें प्रधानमंत्री थे। बी पी सिंह कांग्रेस के सदस्य थे। वें उत्तर प्रदेश के 12वें मुख्यमंत्री भी थे। वें 1984 से लेकर 1987 तक वित्त मंत्री भी थे और 1989 से लेकर 90 तक पीएम राजीव गांधी की धीन रक्षा मंत्री थे।उसी टाइम बोफोर्स घोटाला सामने आया था।    सरकारी पदों / शैक्षणिक  संस्थानों में आरक्षण के लिए मंडल आयोग की रिपोर्ट उनके कार्यकाल में ही लागू की गई थी 

 राजीव गांधी (1984-1989 )

 राजीव गांधी भारत के छठे प्रधानमंत्री थे। और वह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी के बेटे थे। राजीव गांधी ने  1984 से लेकर 1989 तक अपनी सेवाएं दी। राजीव गांधी ने सिख दंगों के बाद 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के दिन पदभार ग्रहण किया और 40 वर्ष की आयु में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए  थे।    राजीव गांधी इंडियन एयरलाइंस के लिए एक पायलट के रूप में भी काम किया था। 1985 से लेकर 1991 तक वे कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल को साहो बानो,  भोपाल गैस त्रासदी और बोफोर्स घोटाला जैसे प्रमुख मामलों द्वारा चिन्हित किया गया था।    1991 में 46 साल की उम्र में LTTE आत्मघाती हमलावर द्वारा उनकी हत्या कर दी गई और उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

 चौधरी चरण सिंह ( 1979-1980 )

 चौधरी चरण सिंह भारत के पांचवें प्रधानमंत्री थे। उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव में किसान परिवार में जन्मे चरण सिंह किसानों के अधिकारों के लिए चैंपियन थे।

 मोरारजी देसाई ( 1977-1979 )

 मोरारजी देसाई भारत के चौथे प्रधानमंत्री थे। वह 1952 से लेकर 1996 तक मुंबई राज्य के मुख्यमंत्री भी थे जिसका विभाजन महाराष्ट्र और गुजरात में हुआ था। उन्होंने जनता पार्टी द्वारा गठित सरकार का नेतृत्व किया था।

 इंदिरा गांधी ( 1966-1977 ) ( 1980-1984 )

 इंदिरा गांधी भारत के तीसरी प्रधानमंत्री थी। इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी जो भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री है। इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के रूप में दूसरा सबसे लंबा कार्यकाल दिया।    इंदिरा गांधी ने विदेश मंत्री 1984 रक्षा मंत्री 1980 से लेकर 1982 गृह मामलों के मंत्री 1970 से 1973 और सूचना और प्रसारण मंत्री 1964 से लेकर 1966 के रूप में भी कार्य किया। उसने चुनाव स्थगित करने के लिए 1975 में राज्य में आपातकाल लागू कर दिया।    उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान की मुक्ति के लिए पाकिस्तान के साथ युद्ध उनके कार्यकाल के दौरान हुआ था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद 1986 में अपने ही अंगरक्षक द्वारा उसकी हत्या कर दी गई थी।

 गुलजारी लाल नंदा (1964-1966 )

 गुलजारी लाल नंदा ने 1966 में भारत के कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद 1966 में पदभार संभाला था। साल 1964 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद 13 दिवसीय कार्यकाल के लिए उन्हें चुना गया था।

 लाल बहादुर शास्त्री ( 1964-1966 )

 लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। साल 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान जय जवान जय किसान के नारे  उन्होंने ही दिया था। लाल बहादुर शास्त्री ने जवाहरलाल नेहरू के अधीन रेल मंत्री के रूप में भी कार्य किया था।

 जवाहरलाल नेहरू ( 1947-1964 )

 जवाहरलाल नेहरू भारत के सबसे पहले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने  1947  से लेकर 1964 ( मृत्यु ) तक सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दी। वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक अग्रणी व्यक्ति थे। जवाहरलाल नेहरू बच्चों को बहुत प्यार करते थे। इसलिए वे चाचा नेहरू के रूप में भी लोकप्रिय थे। जवाहरलाल नेहरू कश्मीरी पंडित समुदाय से आते थे इसीलिए उनको पंडित नेहरू भी कहा जाता था।

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