Harry Potter लेखिका की संघर्ष से सफलता तक की कहानी हिंदी में J. K. Rowling Biography

Harry Potter लेखिका की संघर्ष से सफलता तक की कहानी हिंदी में

Harry Potter कहानी हैं एक लड़की की। जिसको लिखने की बहुत सौख था। 6 साल की उम्र में उसने खरगोश के ऊपर कहानी लिखी थी। जिसे पॉक्स की बीमारी थी। उसने वो कहानी अपनी माँ को सुनाई। उन्हें वो कहानी बहुत पसंद आई और बेटिका बहुत प्रशंसा भी की।  

वो एक Introvert थी। ज्यादा लजालुपन की वजह से उसके ज्यादा दोस्त भी नहीं थे। हमेशा Books  और Fantacy की दुनियां में जीती थी। वो लड़की एक छोटी सी नोट बुक में अपनी भावनाए विचार लिखा करती थी।    

  

15 साल की उम्र में उसकी दादी की देहांत –  Harry Potter

 15 साल की उम्र में उसकी दादी की देहांत हो गई। जिसे वो बहुत प्यार करती थी। वो कहते हैँ जिंदगी और बुरा वक्त कभी अकेले नहीं आते। उसकी दादी के देहांत के बाद उस लड़की और उसके पिता के संबंध में खट्टास आ गई। और उसके माँ एक दिमागी हालत ख़राब होने के कारण से गंभीर रूप से बीमार हो गई।       

उसकी की माँ की हालत दिन प्रति दिन ख़राब होती जा रही थी। और कुछ दिनों वाद ही उसकी माँ की भी निधन हो गया। इस उस लड़की के लिए उसकी माँ गुजर जाना उसके लिए अकल्पनीय था। और वो डिप्रेशन में चली गई।  

 

जिंदगी एक नई शिरे से शुरुवात – Harry Potter

 वक्त गुजरता चला गया। एक दिन उस लड़की ने एक News Paper में एक Advertisement देखी। वो Advertisement Portugal में एक English Teacher के लिए था। वो Advertisement देख के लड़की में एक उम्मीद की किरण जागी। वो लड़की बहुत दिनों से नौकरी की तलाश में थी। और अपनी जिंदगी एक नई शिरे से शुरुवात करना चाहती थी।    

 इसलिए उसने उस मौके को हाथ से जाने देना नहीं चाहती थी। और पढ़ाने के लिए Portugal चली गई। एक दिन उसकी मुलाक़ात एक TV पत्रकार से होती हैं। वो दोनों एक दूसरे से बात करते हैं। और उन दोनों को महसूस होता हैं की एक दूसरे के शौक मिलते थे।        

उन दोनों ने उपन्यास लेखक “Austin Jane” के किताब काफ़ी पसंद करते थे। उन्हें एक दूसरे के साथ समय बिताना बहुत पसंद आया। और वे दोनों ऐसे ही रोज मिलने लगे। एक साल वाद उन दोनों ने सादी करली। और जल्दी ही उनकी एक बेटी भी हुई।    

 

घरेलु हिंसा की शिकार

उसकी जिंदगी थोड़ी सी संहली थी की, फिर से उसकी जिंदगी में एक काला दिन आ गया। वो घरेलु हिंसा की शिकार हो गई । और एक दिन उसके पति ने उसे घर से निकाल दिया।       

उसके पति के अलावा Portugal में उसका कोई नहीं था। बेबस होकर वो उस देश को छोड़कर, अपने बच्चे को लेकर वापस अपनी घर आ गई। उसका घर बिखर गया और नौकरी भी चली गई। अब उसके पास कोई काम नहीं थी। वो अपनी बेटी के देखभाल करने के लिए सिर्फ और सिर्फ सरकारी बेरोजगारा भत्ता के सहारे जी रही थी।     

 

जिंदगी की सबसे मुश्किल दौर

ये उसकी जिंदगी की सबसे मुश्किल दौर था। वो इतनी गरीब थी की घर के किराए देना भी उसकी दोस्त से मदद लेना पड़ता था। वो खुद भूखी रहती थी ताकि वो अपनी बेटी को खाना खिला सके। ये सभी समस्याओं के कारण वो खुद को पूर्ण असफल मानने लगी थी । उसे ऐसा लगता था की उसके  परेशानिया कभी ख़त्म ही न होंगी।      

उसके अंदर जीने की कोई उम्मीद नहीं थी। और इसी वजह से वो कई बार  आत्महत्या करने के भी कोशिश की। लेकिन उसकी बेटी ने उसे प्रेरणा दी। और अंत में उसने निर्णय लिया की वो वही करेगी  जो उसने सबसे अच्छा करती हैं।         

उसने Fantacy Novels लिखने का फैसला किया। ज़ब भी वो लिखने के लिए अपनी डेस्क पर बैठती वो सब कुछ भूल जाती थी,और इसीलिए उसने अपने गम भुलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लिखना शुरू कर दिया। ज़ब भी उसकी बेटी सो जाती, वो अक्सर Cafe में जाकर अपनी किताबों पर काम करती थी। हालांकि वो Cafe की खाना खरीद नहीं सकती थी। इसलिए उसने अपने किताब लिखने की समय तक सिर्फ एक कप कफ़ी मंगाती थी। ताकि Cafe के मालिक उसे वहां से निकाल ना दे।       

ऐसे ही, किसी तरह उसने अपनी उपन्यास के पहली तीन अध्याय लिखी। उसने अपनी लिखी किताबें एक Publisher को भेजी, लेकिन Publisher ने रिजेक्ट कर दिया। फिर उसने एक दूसरे Publisher को भेजी उसने भी उसको किताब को रिजेक्ट कर दिया।     

 

एक के बाद एक रिजेक्शन

उसके Email Inbox में एक के बाद एक रिजेक्शन लेटर भरते चले गए। और इस वजह से उसका Confidence डगमगाने लगा। लेकिन एक दिन Bloomsbury Publishing Company के Editor ने उनकी किताब को पढ़ा। Editor की 8 साल की बेटी भी वहीं थी। बच्चे ने  उस किताब को पढ़ा । उस बच्चे को  Opening Chapter बहुत पसंद आया। और वह पूरी स्टोरी पढ़ना चाहती थी।       

ए देख Bloomsbury Publishing Company के Editor ने किताब को छापने के लिए हाँ करदी। लेकिन Publisher ने उसको समझाया की वो एक Full Time काम ढूढ़ना  शुरू करदें। क्योंकि वो बच्चों के लिए Fantacy Novels लिख कर अपनी घर नहीं चला पाएगी।      Jun 1997 में 31 साल की उम्र में उसकी पहली किताब “Harry Potter and The Philosopher’s Stone” की एक  हजार प्रति प्रकाशित हुई। ज़ब लोगो ने उनकी किताबें पढ़े, तो उसकी किताब की मांग तेजी सी बढ़ने लगी।      

 

पहला पुरस्कार

5 महीने के वाद उनकी किताब ने अपना पहला पुरस्कार ” The Nestle Smarties Book Prize ” जीता। और जल्द ही “ J. K. Rowling ” एक बेरोजगार, डिप्रेशन के शिकार, एकल माँ से दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली लेखिका बन गई। उनकी पहली किताब ” Harry Potter and The Philosopher’s Stone “ अबतक के सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों में से एक हैं।    

उनकी 7 किताब की सीरीज की दुनियां भर में ” 45 “करोड़ से ज्यादा प्रतिया बिक चुकी हैं। उनकी किताब पर आधारित बनाए गए फिल्मो ने अब तक ” $7.7 ” अर्ब US Dollars से ज्यादा कमाई किया हैं।     

 

दुनिया के पहले अर्ब पति लेखक घोषित

साल 2004 में Forbes Magazine ने ” J. K. Rowling “को दुनिया के पहले अर्ब पति लेखक घोषित किया। यानी वो पहली ऐसी लेखिका हैं, जिसने सिर्फ अपनी लेखन से अर्ब पति का दर्जा हासिल किया।  

वो वैसे ही  रातो रात सफल नहीं हुई। Harry Potter लेखिका को बहुत दुर्भाग्य और रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। वो भी तब जब वो गरीबी की मार के वावजूद अपनी बच्ची के ख्याल रख रही थी। और साथ ही साथ डिप्रेशन से भी लड़ रही थी। उनके असफलताओं ने उन्हें मजबूत बनाया। उन्हें उनके Passion के करीब लाया।     

इतने अमीर और प्रसिद्ध होने के बावजूद कभी भी Harry Potter की लेखिका ने उस मुश्किल दौर को भुला नहीं पाई। उन्होंने इतनी ” Charity ” की की 2011 में उन्होंने अपने अरब पति का दर्जा भी खो दिया।       

” J.K. Rowling ” की कहानी हमें ये सिखाती हैं की कड़ी मेहनत की फल हमें मिलता हैं।अगर आपका कोई सपना हैं, और आप बार बार उसमे रिजेक्शन के सामना कर रहे हो। तो कभी हार  मत मानना। चट्टान की तरह मजबूत जग बसाना। 

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