Best success motivation thought in Hindi

Best success motivation thought in Hindi

लोग कहां जो तुझको टोके , भीड़ कहां जो तुझको रोके , जीत के पथ पर कर लू प्रस्थान , अकेलेपन का बल पहचान “

Best success motivation thought in Hindi -अकेले व्यक्ति को कमजोर समझा जाता हैं। ज़ब की वास्तविक जीवन में वहीं व्यक्ति सफल होता हैं जो अकेला चलने में विस्वास रखता हैं। अकेला चलने का साहस वह व्यक्ति रखता हैं। जो जोखिम और मुसीबतों का सामना करने से नहीं डरते हैं। ज्यादातर लोग बने बनाए रास्तो पर भीड़ के साथ चलना पसंद करते हैं।

       यही कारण हैं की ज्यादातर लोग कुछ नयाँ नहीं कर पाते। और ज़ब भी आप कुछ नयाँ और बेहतर कर रहे होते हैं तो आप अकेला पाते हैं। अकेलापन आपकी सबसे बड़ी ताकत भी हैं और सबसे कमजोरी भी। कुछ लोग अकेलापन दूर करने की कोशिस करते हैं। क्योंकि की अपना अकेलापन उन्हें कमजोरी लगता हैं।

      लेकिन जो लोग अपने अकेलेपन को अपनी ताकत बना लेता हैं। वह इस अकेलेपन की वजह से बहुत आगे निकल जाते हैं। सफलता की ऊचाईयो को छूते हैं, अपने सपनो को पूरा कर पाते हैं। क्योंकि को वह अकेलेपन की ताकत को समझ जाते हैं।

 

“लोग कहां जो तुझको टोके

भीड़ कहां जो तुझको रोके

जीत के पथ पर कर लू प्रस्थान

अकेलेपन का बल पहचान “

 

आजकल अकेलेपन को हमेशा नकारत्मक दृष्टिकोण से देखा जाता हैं।   ज़ब की वास्तव में हर जगह अकेला होता हैं। जन्म अकेला होता हैं। और मृत्यु को गले भी अकेले लगता हैं। ज़ब इतने बड़े बड़े काम व्यक्ति अकेले कर सकता हैं।   तो ए छोटे छोटे दुःखो और तकलीफ़ो के सामना करना कैसा घबराना।  अकेलापन ही इंसान को ऐसे ताकत दे सकता हैं। अकेलापन ही आपको सफलता के शिखर तक पहुंचा सकता हैं।

 

 अकेलापन परेशानी:

 

       अकेलापन परेशानी नहीं बल्कि बरदान हैं।  अगर आपको उसकी सही पहचान हैं।  जो चलता हैं अकेला वहीं बलवान हैं।   भीड़ में तो चलता हजारों इंसान हैं।

अकेले अपने पथ पर चलने वालो का दुनियां मज़ाक भी बनाती हैं।   लेकिन, उनकी बातो पर घबराकर जो लोग रास्ता नहीं बदलते, जो अपने पथ को लेकर दृढ निश्चय कर लेते हैं।

 

मस्तिष्क का बेहतर इस्तेमाल:

 

      जो व्यक्ति दुनियां के मजाक तानो और व्यंग्य की परवाह न करते हुए आगे बढ़ते हैं, वहीं इतिहास रचता हैं।   दोस्तों, आप अकेलापन में अपने मस्तिष्क का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं।   अपने जीवन के बारे में कुछ अच्छा और नयाँ कर सकते हैं।

    ज़ब आप अकेले होते हैं, कोई भी आपके दिमाग़ में नकारात्मक विचार नहीं डाल सकता और नहीं आपको डिमोटिवेट कर सकते हैं।  जो लोग दोस्तों के झुंड में रहते हैं, गप्पे मारते रहते हैं, अकेलेपन से भागते हैं वो लोग जिंदगी में कभी कुछ नहीं कर पाते हैं।  क्योंकि भीड़ में घुसे रहने वाले कभी अपने बारे में कुछ अच्छा सोच नहीं पाता उसे समय ही नहीं मिलता।

          भीड़ उसे कभी कुछ अलग करना ही नहीं देती, यहां तक की कुछ अलग सोचने तक नहीं देती।   ज़ब आप अकेले होते हो तो सिर्फ खुद के बारे में सोचते हैं की कैसे आप अपने भविष्य को और मजबूत और बेहतर बना सकते हैं।   जिससे आपका वास्तविक फायदा होता हैं।

       अकेले में रहकर आप चिंता और दवाब से मुक्त हो जाते हैं।   कोई फीकर नहीं सारी चीजे अपने हिसाब से कब क्या करना हैं, सब आप अपने हिसाब से करते हैं। सारा नियंत्रण आपके हाथो में रहता हैं।   और नहीं आपको इस बात की चिंता नहीं होती की वह व्यक्ति क्या सोचेगा? क्या बोलेगा?

    रिश्तो की कद्र कीजिए पर खुद को एकांत में समय दीजिए,

यही इस पोस्ट का सार हैं।

 

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